होटल बने होमस्टे पर चला डीएम का डंडा 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त

होटल बने होमस्टे पर चला डीएम का डंडा
17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त, पर्यटन वेबसाइट से विलोपन की प्रक्रिया शुरू

“कानून से ऊपर कोई नहीं, आमजन की सुरक्षा सर्वोपरि” – डीएम
देहरादून। जनपद में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की व्यापक जांच कराई गई। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन ने प्रथम चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया है तथा उन्हें पर्यटन विभाग की वेबसाइट से विलोपित किए जाने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन सफाई” के अंतर्गत यह बड़ी कार्रवाई की गई है। विगत कुछ माह से शहर में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, नशे की प्रवृत्ति, ओवरस्पीडिंग तथा हुड़दंग की शिकायतों के मद्देनज़र होमस्टे संचालन की सघन समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि कई होमस्टे होटल के रूप में संचालित हो रहे थे, जहां रातभर नियम विरुद्ध बार संचालन, तेज आवाज में डीजे, नशे व अय्याशी की गतिविधियां चल रही थीं, जिससे आमजन की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो रहा था।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार और स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि है। किंतु कुछ संचालकों द्वारा इसे व्यावसायिक प्रतिष्ठान की तरह चलाकर कानून-व्यवस्था को प्रभावित किया जा रहा था, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
07 दिन में 05 मजिस्ट्रेट टीमों की कार्रवाई
महज सात दिनों में पांच मजिस्ट्रेट स्तरीय टीमों का गठन कर सहसपुर एवं रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच की गई। जांच में 17 होमस्टे उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के अनुरूप संचालित नहीं पाए गए, जिनके पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। आगे भी अभियान जारी रहेगा।
जांच में पाई गई प्रमुख अनियमितताएं:
रसोई व्यवस्था का अभाव
अग्निशमन उपकरण उपलब्ध नहीं या वैधता समाप्त
फूड लाइसेंस के बिना संचालन
पंजीकरण क्षमता से अधिक कमरों का संचालन
स्वामी का निवास न होना, इकाइयों का लीज/किराये पर संचालन
बारातघर एवं अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में उपयोग
विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध न कराना
पंजीकृत होने के बावजूद संचालन न होना
स्वामित्व विक्रय अथवा नवीनीकरण न कराया जाना
निरंजनपुर, बल्लूपुर एवं मसूरी क्षेत्र में भी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी होमस्टे संचालक नियमावली का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
“आमजन की जान से खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं होगा। कानून से ऊपर कोई नहीं है।” – जिलाधिकारी

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