समान नागरिक संहिता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

देहरादून

समान नागरिक संहिता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं: ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने एक बार फिर इस मुद्दे पर कड़ा विरोध जताया है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉक्टर सैयद कासिम ने यूसीसी को लेकर स्पष्ट तौर पर कहा है कि यह किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी आपत्ति इस बात पर है कि किसी भी राज्य सरकार को यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने का अधिकार नहीं है। उनके अनुसार यह अधिकार केवल केंद्र सरकार के पास है।


डॉक्टर कासिम ने आगे कहा कि संविधान में भी केंद्र सरकार को यह अधिकार कुछ शर्तों के साथ दिया गया है। उन्होंने बताया कि यूसीसी कोई मौलिक अधिकार नहीं है और इसे लागू करने से पहले व्यापक स्तर पर आम सहमति बनाना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इससे पहले भी सरकार इस विषय को लॉ कमीशन के पास भेज चुकी है, लेकिन आयोग की रिपोर्ट में यह सामने आया था कि देश में न तो यूसीसी की कोई तत्काल जरूरत है और न ही ऐसी कोई आपात स्थिति है, जिसमें इसे लागू किया जाना चाहिए।

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